मधुशाला
हुआ दीदार जब तेरा तो प्याला हम गिरा आए,
जो बरसों से गले में थी वो माला हम गिरा आए।
तेरी मुस्कान को देखा तो सँभला ना रहा साक़ी,
गिरा दी बोतलें सब और मधुशाला गिरा आए।।
जो बरसों से गले में थी वो माला हम गिरा आए।
तेरी मुस्कान को देखा तो सँभला ना रहा साक़ी,
गिरा दी बोतलें सब और मधुशाला गिरा आए।।
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